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Stories

Published 2 weeks ago
एक और ठौर
आज वह सुबह जल्दी उठा। बाज़ार वाले दिन वह जल्दी ही उठता था। नित्यकर्म से निपट कर वह दुबग्गा मंडी जाता और वहाँ थोक के भाव से सब्जियाँ मिलती है। वह अपनी बिक्री के हिसाब से हफ्ते भर की सब्जियाँ खरीद कर लाता था। इसके लिए उसे घर से करीब डेढ़ कि.मी. पैदल चल कर सड़क पर आना होता है फिर ऑटो या टेम्पो पकड़कर उसे
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Published 2 weeks ago
राजस्त्री
उसे आए हुए अभी दो-तीन दिन ही बीते थे कि गार्ड ने आकर उसे बताया कि राजा साहब आपसे मिलने आ रहे हैं। राजा साहब उसकी बैंक के मकान मालिक भी थे। इसलिए वह अतिरिक्त उत्सुक था उनसे मिलने के लिए परन्तु इस तरह से पूर्व सूचना देकर मिलना उसे कुछ अजीब सा डर लगा। क्योंकि उससे मिलने अकसर लोग बेधड़क आते हैं, ग्राहक य
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