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Stories

एक और ठौर
Published 1 months ago

एक और ठौर

आज वह सुबह जल्दी उठा। बाज़ार वाले दिन वह जल्दी ही उठता था। नित्यकर्म से निपट कर वह दुबग्गा मंडी जाता और वहाँ थोक के भाव से सब्जियाँ मिलती है। वह अपनी बिक्री के हिसाब से हफ्ते भर की सब्जियाँ खरीद कर लाता था। इसके लिए उसे घर से करीब डेढ़ कि.मी. पैदल चल कर सड़क पर आना होता है फिर ऑटो या टेम्पो पकड़कर उसे

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राजस्त्री
Published 1 months ago

राजस्त्री

उसे आए हुए अभी दो-तीन दिन ही बीते थे कि गार्ड ने आकर उसे बताया कि राजा साहब आपसे मिलने आ रहे हैं। राजा साहब उसकी बैंक के मकान मालिक भी थे। इसलिए वह अतिरिक्त उत्सुक था उनसे मिलने के लिए परन्तु इस तरह से पूर्व सूचना देकर मिलना उसे कुछ अजीब सा डर लगा। क्योंकि उससे मिलने अकसर लोग बेधड़क आते हैं, ग्राहक य

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