Published 5 days agoआखिरी भरोसा
कुछ ज़ख्म ऐसे होते हैं, जिनका इलाज न अस्पताल में मिलता है और न ही करोड़ों की दौलत से।रात के ठीक दो बज रहे थे।बारिश लगातार हो रही थी। सड़क लगभग सुनसान थी। दूर-दूर तक सिर्फ़ स्ट्रीट लाइट की पीली रोशनी दिखाई दे रही थी।एक काली BMW तेज़ रफ़्तार से हाईवे पर दौड़ रही थी।ड्राइविंग सीट पर बैठा आदमी बार-बार घ