Pyar Ka Devta
Publisher: Unknown Publisher
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वह पूरी की पूरी वर्णमाला थी। उसकी देह में ओज था, कांति थी, बदलाहट थी। उजली देह में उसका पूरा जिस्म इंसानी मुहब्बत की चुपचाप की गई घोषणा थी। रेतीली देह में सृजन की पायजेब झलकाती जब वह स्टूडियो से उतरकर गई तो एक बार सुरभि भी स्तब्ध रह गई। उसका आना और जाना सिर्फ घटना नहीं था। एक मुकम्मल गजल के जरूरी तराने के खामोश हो जाने के मानिंद था। उसकी घनेरी पलकें और लंबे सीधे नितंबों तक फैले केश किसी को भी उसकी तरफ रुककर देखने को बाध्य करते। लिहाजा, सुरभि का परेशान होना लाजिमी था।-इसी उपन्यास सेAbout Authorविजय दीक्षित जी का जन्म 31 मई, 1955 को संकिसा जिला फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने कला स्नातक (बी-ए-) तक शिक्षा अर्जित की। वे काफी समय तक आकाशवाणी इंदौर (म-प्र-) से जुड़े रहे, जहां से उनकी कविताएं और न
ISBN: 9788194651314
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