Tatari Veeran
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About this book
दीनो बुत्साती का उपन्यास 'तातारी वीरान' 1940 में प्रकाशित हुआ था। इसमें लेखक ने सधी हुई, संयत शैली में मानव-जीवन के बेतुकेपन को उभारा है।
कहानी का केंद्र एक नौजवान सैनिक अधिकारी है, जिसे सुदूर सीमा पर बने एक पुराने किले में तैनात किया जाता है। किले के आगे वीरान फैला हुआ है और उसके पार से किसी दुश्मन के हमले की आशंका बनी रहती है। वहाँ के सैनिक हर दिन उसी घड़ी की प्रतीक्षा में काटते हैं जब कुछ घटेगा और उनके जीवन को अर्थ मिलेगा।
प्रतीक्षा में दिन, फिर बरस बीतते जाते हैं, और यही उपन्यास का असली विषय बन जाता है। यह किताब बताती है कि इंसान किसी बड़े क्षण की आस में कितनी आसानी से अपना समय गँवा देता है। धीमी लय और गहरी उदासी के बावजूद यह पाठक को देर तक बाँधे रखती है।
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Book Details
- ISBN
- 9788171785230
- Author
- Dino Buzzati
- Publisher
- Rajkamal Prakashan
- Genres
- Literary & General FictionClassics
Media & Extras
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