Tumhara Ishq

कहते हैं कि लोग ज़ुबान से झूठ बोल सकते हैं, पर...... लोग आँखों से झूठ नहीं बोल पाते। क्योंकि दिल का कनेक्शन आँखों से होता है। कई बार हमें किसी की नज़र से पता चल जाता है कि उसके दिमाग में क्या चल रहा होता है। मेरी इस कहानी में भी दो लोग एक-दूसरे को देखते हैं और उन लोगों की आँखें मिलती हैं और उन लोगों को एक अलग पर दिल का प्यार भरा एहसास होता है। और समय बिताते-बिताते कब उन दोनों को प्यार हो जाता है, उनको ही पता नहीं चलता।
रिहान रायचंद एक बड़े रेस्टोरेंट का मालिक था। उस रेस्टोरेंट का नाम था "दावत"। वह एक सक्सेसफुल रेस्टोरेंट था पूरे मुंबई में। और यह रेस्टोरेंट, रिहान को यह रेस्टोरेंट सक्सेसफुल बनाने के लिए बहुत ही मेहनत करनी पड़ी थी। यह होटल सक्सेसफुल बनाने के लिए उसको पूरे १० साल लगे थे। उसके घर में एक छोटा भाई और उसकी एक माँ थी, माँ का नाम था सावित्री देवी और उसके छोटे भाई का नाम था अभिमान रायचंद। इस रेस्टोरेंट को सक्सेसफुल बनाने के लिए अब तक रिहान ने शादी नहीं की थी। पर आज भी वह दिखने में बेहद हैंडसम और सभ्य था। उसको देखकर कोई यह नहीं कह सकता कि वह दिखने में बड़ी उम्र का हो, और जितना स्वभाव से सभ्य था उतना ही काम को लेकर सटीक और परफेक्ट था। पर बड़े रेस्टोरेंट का मालिक होने के बावजूद वह एक छोटे-से रेस्टोरेंट में खाना खाने जाता था, क्योंकि जब वह इतना अमीर नहीं हुआ करता था तब रिहान यहीं खाना खाया करता था क्योंकि उसके पास खाने के पैसे भी कम होते थे और इस रेस्टोरेंट में खाना कम पैसों में लज़ीज़ मिलता था। और रेस्टोरेंट का खाना कुछ अपना-सा लगता था। उस रेस्टोरेंट का नाम था "नवाब"। और इस रेस्टोरेंट में लगातार आने और खाने के कारण उस रेस्टोरेंट का मालिक उसको अपने बेटे जैसा समझता था। उनका नाम था कबीर सिंह। सब लोग उनको प्यार से कबीर चाचा कहते थे। उनकी एक पोती थी दिखने वाली में खूबसूरत और उसकी आँखें तो इतनी प्यारी कि कोई भी देख ले तो उसके प्यार की गिरफ्त में आ जाए, उसका नाम था जिया सिंह। और वह दिखने में जितनी सुंदर उतना ही लज़ीज़ खाना बनाती थी।
एक दिन रोज़ की तरह रिहान खाना खाने के लिए नवाब रेस्टोरेंट गया, रोज़ की तरह, और उसने वही खाना ऑर्डर किया जो वह रोज़ करता था और रोज़ की तरह खाना उसकी टेबल पर आया, पर जब उसने खाना चालू किया तो आज उसको खाना कुछ अलग पर बहुत ही ज़्यादा लज़ीज़ लगा। तब रिहान ने एक वेटर को पूछा कि आज खाना किसने बनाया, तब उस वेटर ने बोला कि कबीर चाचा तो काम के लिए कुछ दिनों के लिए बाहर गए हैं। इसके लिए आज का खाना उनकी पोती "जिया" ने बनाया है। रिहान ने उस वेटर से वापस पूछा कि "मैंने उनको पहले कभी भी यहाँ देखा नहीं।" वेटर कहता है, "वह इधर नहीं रहती थी, वह अपनी पढ़ाई के लिए और अलग-अलग तरीके का खाना बनाना सीखने के लिए दूसरी जगह पे गई थी। अभी उसका सीखना हो गया है तो वह अपने दादाजी की मदद करने के लिए इधर आई है।" यह सुनकर रिहान ने अपना सिर हिलाया और कुछ नहीं कहा। जब रिहान वापस अपने घर की तरफ जा रहा था तब उसको एक लड़की दिखी, उसके चेहरे पर एक मास्क लगा हुआ था पर रिहान की नज़र जिया की आँखों पर पड़ी तो वह दो मिनट के लिए उसकी आँखों में खो गया। उसकी आँखें रिहान को बहुत ही ज़्यादा अट्रैक्टिव लगीं और प्यारी और मासूम भी। वह सबको ऑर्डर के हिसाब से खाना दे रही थी। रिहान उसकी आँखों में खो गया था। जब रिहान का ड्राइवर गाड़ी लेकर आया और उसने रिहान को बुलाया तब वह होश में आया, और गाड़ी में बैठ गया। जब गाड़ी उस रेस्टोरेंट से दूर जा रही थी फिर भी रिहान की नज़र जिया पर ही थी। जब वह घर की तरफ जा रहा था फिर भी उसको जिया की आँखों की याद आ रही थी।
कबीर के न होने के बावजूद रिहान रोज़ खाना खाने के लिए उस रेस्टोरेंट में जाता था। और देखते ही देखते एक हफ़्ता बीत गया, पर इस एक हफ़्ते में रिहान को सिर्फ़ जिया की आँखें ही दिखती थीं। एक दिन किसी वजह से उस रेस्टोरेंट के किचन एरिया में आग लग जाती है और जिया अंदर ही रह जाती है और रिहान उस समय खाना खा रहा होता है, पर जब आग लगने वाली बात रिहान को पता चलती है तब वह भागकर किचन की तरफ जाता है और उसको दिखता है कि जिया बेहोश होकर नीचे पड़ी हुई है। तब रिहान जिया की तरफ भागता है और उसको आग से बचाता है। आग से बचाते वक्त जिया का मास्क उतर जाता है और पहली बार रिहान जिया को देखता है और वह उसके खूबसूरत चेहरे को देखते ही रहता है, पर उसको आग से बचाते-बचाते रिहान थोड़ा जल जाता है, पर रिहान उस चोट की तरफ ध्यान नहीं देता, क्योंकि उसका पूरा ध्यान जिया की तरफ ही होता है। जब वे लोग बाहर आते हैं तब सब लोग उन लोगों की मदद करने लगते हैं। सब लोगों की आवाज़ सुनकर रिहान अपने ख्यालों में से बाहर आता है, और जिया को नीचे उतार देता है। बाद में सब लोग उनकी देखभाल में लग जाते हैं, रिहान और जिया को हॉस्पिटल में ले जाते हैं। हॉस्पिटल में उनकी मरहम-पट्टी करते हैं, पर कहीं न कहीं रिहान का ध्यान जिया की तरफ ही रहता है। डॉक्टर कहते हैं कि कुछ घबराने वाली बात नहीं है।
कुछ समय इसी तरह बीतता है, समय के साथ जिया को होश आ जाता है। होश आने के बाद जब वह अपने आप को हॉस्पिटल में देखती है तो वह चौंक जाती है, और वह नर्स को हड़बड़ाते हुए पूछती है कि, "मैं कहाँ हूँ?? और मुझे क्या हुआ था??" जब बाहर खड़े लोगों ने जिया की आवाज़ सुनी तब उस रेस्टोरेंट का एक आदमी हड़बड़ाते हुए अंदर आ गया। वैसे वह आदमी और कोई नहीं, खान चाचा थे। वैसे खान बाबा अकेले अंदर नहीं आए थे, उनके साथ रिहान भी अंदर आ गया था।
वैसे खान बाबा जिया को अपनी बेटी की तरह मानते थे। खान बाबा जिया के पास आकर उसको शांत करके सारी घटना बताते हैं और कहते हैं कि रिहान ने तुम्हारी जान बचाई है। तब जिया रिहान की तरफ देखकर उसको थैंक्यू कहती है, और रिहान मुस्कुराकर कहता है, "नो नो, इट्स ओके, यह मेरा फ़र्ज़ है।" उसके बाद वह खान बाबा को टेंशन में पूछती है कि, "खान बाबा, रेस्टोरेंट में सब ठीक है?" तब खान बाबा जिया को शांत करके कहते हैं कि, "हाँ, सब ठीक है।" पर हक़ीक़त में रेस्टोरेंट की हालत बहुत बुरी तरह ख़राब हो चुकी थी, पर इस समय वह जिया को कोई टेंशन नहीं देना चाहता था और जिया को कहता है, "तुम टेंशन मत लो और आराम करो।" उसके बाद खान बाबा और रिहान दोनों कमरे से बाहर निकल जाते हैं। जब वे लोग बाहर निकलते हैं तब खान बाबा टेंशन में रिहान से कहते हैं कि, "मैंने झूठ तो बोल दिया, लेकिन जब जिया को सच पता चलेगा तब मैं क्या करूँगा? और साथ में कबीर चाचा भी बाहर गए हैं। और सब पहले जैसा करने में तो बहुत ख़र्चा जाएगा, तो कैसे सब बैलेंस हो पाएगा?" तब रिहान उनको शांत करके कहता है कि, "अंकल, आप टेंशन मत लीजिए, मैं हूँ ना। कबीर चाचा, सपोज़ आप सच में मुझे बेटा मानते होते तो आप यह सब मुझे नहीं कहते, लेकिन आप तो मुझे अपना बेटा ही नहीं मानते, इसलिए ना। खान बाबा, आपने मुझे कितनी बार बिना पैसों के खाना खिलाया है और तो और मेरा इतना ख्याल रखा है, तो क्या अब मेरा कोई फ़र्ज़ नहीं बनता? तो प्लीज़ आप टेंशन मत लीजिए। मैं हूँ आपके पास, आपके साथ।"
जब यह सब बात खान बाबा ने सुनी तो उन्होंने कहा कि, "आज के ज़माने में तुम्हारे जैसे इंसान बहुत ही कम देखने को मिलते हैं।" तब रिहान मुस्कुराता है और कहता है कि, "कल मिलते हैं अंकल।" और यह कहकर वह वहाँ से चला जाता है, पर इत्तेफ़ाक़ यह सारी बात जिया सुन लेती है और सोचती है कि रिहान कितना अच्छा है, और रिहान के बारे में सोचकर जिया के चेहरे पर एक मुस्कुराहट आ जाती है, और थोड़ी देर उसके बारे में और जो उसने सोचा उसके बारे में सोचकर वह सो जाती है।
दूसरे दिन जिया को डिस्चार्ज भी मिल जाता है और वे लोग घर चले जाते हैं। घर पहुँचने के बाद थोड़ी देर आराम करने के बाद जिया रेस्टोरेंट पहुँच जाती है। रेस्टोरेंट पहुँचते ही उसको रिहान दिखता है, रेस्टोरेंट की मरम्मत करवाते हुए। जिया रिहान को ऐसे काम करवाते देख उसके दिल को कुछ अपनापन-सा महसूस हुआ, और सोचा कि रिहान सच में बहुत ही अच्छा है। यह सोचते-सोचते जिया रिहान को थोड़ी देर ऐसे ही देखने लगी। तब रिहान का ध्यान जिया पर गया तब वह जिया के पास गया और कहा कि, "तुम यहाँ क्यों आई हो? तुम बीमार हो ना, तो जाओ और आराम करो।" तब जिया बोली, "नहीं!! मैं अभी ठीक हूँ और सच में मैं भी आपकी मदद करना चाहती हूँ।" जब रिहान ने यह सुना पहले तो उसने मना कर दिया और कहा कि, "तुम्हें आराम की ज़रूरत है", पर जिया ज़िद करने लगी और उसकी ज़िद के सामने वह मान गया। फिर उसके बाद वे लोग रेस्टोरेंट की मरम्मत के काम में लग गए। दिन गुज़रने लगे, रातें कटने लगीं और एक साथ इतना समय बिताने के कारण वे लोग अच्छे दोस्त बन गए। रिहान उम्र में जिया से बड़ा था, पर जिया के साथ कुछ ऐसा कनेक्शन बना कि वे लोग पक्के दोस्त बन गए और जिया को रिहान के साथ समय बिताना अच्छा लगता था और तो और रिहान उसको बच्चे की जैसा ट्रीट करता भी था, जो जिया को अच्छा लगता था। जिया हर बार रिहान के लिए नई-नई वानगियाँ बनाती थी, जो वह बाहर से सीखकर आई थी और यह सारी वानगी रिहान को बेहद अच्छी लगती थी, या फिर यूँ कह दें कि रिहान जिया की नई-नई वानगियों पे फ़िदा हो गया था। और साथ में रिहान जिया के चेहरे और उसकी मासूम हरकतें और बचपने को पसंद करने लगा था, और जिया रिहान के केयरिंग नेचर और पैंपरिंग नेचर को पसंद करने लगी थी। जिया को रिहान की बड़ी उम्र से कोई फ़र्क नहीं पड़ता था। लोग कहते हैं ना!!!!! जब दिल मिलने लगे तब कोई उम्र नहीं देखता।
एक दिन रिहान ने जिया से कहा कि, "तुम इतना अच्छा खाना बनाती हो, तो तुम मेरे रेस्टोरेंट में क्यों काम नहीं करती?" तब जिया कुछ समय सोचकर कहती है कि, "यह पॉसिबल हो सकता है", तब रिहान कहता है, "जो तुम काम करना पसंद करोगी तब पॉसिबल हो सकता है।" तब जिया खुशी से हाँ कह देती है। दूसरे दिन से जिया रिहान के रेस्टोरेंट में काम करने चली जाती है। रिहान जिया की काम करने में मदद करता है, क्योंकि यह जगह जिया के लिए एक नई जगह है। देखते ही देखते उन लोगों को साथ में काम करते-करते एक महीना बीत जाता है और रिहान जिया के साथ रहते-रहते उसको जिया से प्यार हो जाता है, पर वह सोचता था कि जब तक उसको मेरे लिए कुछ फ़ील नहीं होता तब तक मैं उसको नहीं बताऊँगा कि मैं उसके लिए क्या फ़ील करता हूँ।
एक दिन रिहान के रेस्टोरेंट में एक वेटर ने जिया का डिश बिगाड़ने की कोशिश की, और जलन के मारे उसकी रेप्युटेशन बिगाड़ने की कोशिश की, पर कहीं न कहीं रिहान जानता था जिया ऐसी गलती, गलती में भी नहीं करेगी, इसलिए रिहान ने एक सीसीटीवी फुटेज मँगवाई और उसमें सब क्लीयर हो गया कि गलती जिया की नहीं पर किसी और की थी, और वह सारा सच जानने के बाद गलती करने वाले इंसान को गुस्से में काम से बाहर निकाल फेंकता है। रिहान का यक़ीन और जो आज उसने उसके लिए किया वह देखकर जिया के दिल को बहुत गहराई से छू गया, और तो और जब उसने रिहान का भरोसा खुद के ऊपर इस तरह देखा और सबके सामने इस तरह सपोर्ट करते हुए देखकर जिया के दिल में रिहान के लिए फ़ीलिंग जगने लगी।
एक रात को जिया घर की तरफ जा रही थी तब कोई जिया का पीछा कर रहा था। जब जिया ने पीछे मुड़कर देखा तो वह आदमी छुप गया था, पर जिया को महसूस हुआ कि कोई है जो उसका पीछा कर रहा है, तो वह भागने लगी और वह आदमी भी उसके पीछे भागने लगा और वह आदमी उस पर हमला करने ही वाला होता है। वह आदमी और कोई नहीं, वही वेटर होता है जिसे जिया की वजह से निकाल दिया होता है, तो वह बदला लेने के लिए और जिया को हानि पहुँचाने के लिए आया था। पहले तो उसका चेहरा देखकर जिया चौंक जाती है और कुछ कर पाए, तब अचानक से रिहान पीछे से आ जाता है और जिया को बचा लेता है। पर उसको बचाते-बचाते रिहान को चोट लग जाती है और उसको खून निकलने लगता है और खून देखकर वह आदमी तो भाग जाता है, पर जिया डर जाती है, रिहान को हॉस्पिटल लेकर जाती है। हॉस्पिटल पहुँचने के वक्त उसको रिहान के लिए बहुत टेंशन हो गया था। वैसे रिहान को मामूली ही चोट आई होती है, इसलिए डॉक्टर ने ध्यान से उसकी मरहम-पट्टी कर दी थी और वे लोग अपना काम करके वहाँ से चले गए। डॉक्टर के जाने के बाद जिया अपने गुस्से को कंट्रोल नहीं कर पाई और वह रिहान के पास जाकर कहती है कि..... "तुम पागल हो या सुपरमैन, जो तुम मुझे बचाने के लिए बीच में आ गए? तुम्हें कुछ हो जाता तो मुझे कितनी तकलीफ़ होती।" यह सुनकर रिहान मुस्कुराते हुए जिया को पूछता है, "तुम्हें क्यों तकलीफ़ होती?" तब जिया फ़िक्रमंद आवाज़ में बोली, "क्योंकि मैं..... मैं......" (वैसे कोई भी ऐसी फ़िक्र में जिया को देखता उसे तो यही कहेगा कि वह रिहान से प्यार करती है।) वह रिहान को भी महसूस हुआ कि जिया के दिल में कहीं न कहीं उसके लिए कुछ खास जगह है और यह बात रिहान ने नोटिस कर ली, इसलिए वह जिया के मुँह से सुनना चाहता था। इसलिए रिहान उसे बार-बार पूछने लगा और बार-बार रिहान के पूछने की वजह से वह बोल देती है कि, "क्योंकि मैं तुमसे प्यार करती हूँ।" यह सुनकर रिहान खुश होकर कहता है, "मुझे भी तुमसे प्यार है, पर मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं जो तुम्हारे लिए फ़ील करता हूँ क्या तुम भी मेरे लिए वही फ़ील करती हो, इसके लिए मैं पहले तुम्हारे मुँह से सुनना चाहता था।" यह सुनकर जिया खुश होकर शरमाकर रिहान के गले लग जाती है। उसके बाद वे लोग एक-दूसरे के साथ ज़्यादातर समय बिताने लगे।
एक दिन डिनर डेट के बाद समंदर की जगह पर बैठकर जिया ने रिहान को सवाल पूछा कि.....
जिया (कुछ सोचते हुए): तुम्हारी पहले कोई गर्लफ्रेंड थी?
रिहान (चौंकते हुए): अचानक यह सवाल क्यों?
जिया (मुँह बनाकर): ऐसे ही।
रिहान (सीरियस होकर): हाँ, थी, पर मैं उसको समय नहीं दे पाता था क्योंकि मैं अपने काम में व्यस्त रहता था, और वह मेरी सिचुएशन नहीं समझ रही थी, इसीलिए हम लोगों का ब्रेकअप हो गया।
जिया (सोचते हुए): क्या तुम मेरे साथ भी ऐसा करोगे?
रिहान: नहीं, बिल्कुल भी नहीं। क्योंकि मैं तुमसे प्यार करता हूँ। (गहरी साँस लेते हुए) और जिया को देखकर कहता है कि, मैं पहले बस काम में व्यस्त रहता था, पर जब से मैं तुमसे मिला हूँ तब से बस मैं तुम्हारे साथ रहना पसंद करता हूँ, और काम के समय भी मैं तुम्हारे बारे में सोचता हूँ।
जब जिया ने यह सुना, वह खुश होकर बोली, "क्या मैं तुमसे एक सवाल पूछूँ?"
रिहान: हाँ!!!!!
जिया: तुम्हें कब पता चला कि तुम मुझसे प्यार करते हो?
रिहान: जब मैंने तुम्हें पहली बार देखा था रेस्टोरेंट में।
जिया (कुछ सोचते हुए): कब?
रिहान (जिया को बाँहों में भरकर): उस समय मैंने तुम्हें नहीं देखा पर तुम्हारी नज़रों पर मैं फ़िदा हो गया था। तुमने अपना चेहरा ढँका हुआ था, पर तुम्हारी आँखें दिख रही थीं।
जिया (शरमाते हुए): तुमने मुझे बिना देखे! बस मेरी आँखों को देखकर पसंद किया?
रिहान (मुस्कुराते और जिया को छेड़ने के अंदाज़ से): हाँ, क्योंकि तुम्हारी आँखें हैं ही इतनी मनमोहन, तो क्या करें.....
रिहान: मैं तुमसे एक सवाल पूछूँ?
जिया: हाँ।
रिहान: तुम्हें कैसे पता चला कि मैं तुम्हारा प्यार हूँ?
जिया (रिहान के पास जाकर उसके कान में): मैं तुम्हें नहीं बताऊँगी। यह कहकर वहाँ से भाग निकलती है और रिहान कहता है, "रुको,,,,,," और उसके पीछे भागता है और ऐसे ही उन लोगों की डेट पूरी हो जाती है।
थोड़े दिन वे लोग ऐसे ही एक गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड की तरह रहने लगे, पर एक दिन रिहान को ख्याल आता है कि उन लोगों को शादी के बंधन में बँध जाना चाहिए, इसलिए वह जिया को कहता है कि, "आज मैं तुम्हारे दादाजी के पास तुम्हारा हाथ माँगने के लिए आने वाला हूँ, तो तैयार होकर रहना।" जब जिया यह सुनती है तो पहले तो चौंक जाती है और पूछती है, "अचानक यह फ़ैसला क्यों?" तब रिहान कहता है, "अब मैं तुम्हें बस अपना बनाना चाहता हूँ किसी भी हालत में और मैं तुमसे दूर नहीं रह सकता। इसलिए तुम तैयार रहना।" तब जिया शरमाकर हाँ!!!!! कहती है।
शाम को रिहान कबीर (जिया के दादाजी) से मिलने उसके घर जाता है। पहले जब उनको इन सब के बारे में पता चलता है तो वह चौंक जाते हैं और उसके बाद वह जिया की तरफ देखते हैं, उसके बाद वह रिहान की तरफ देखकर पूछते हैं कि, "यह सब कब और कैसे हुआ?" तब रिहान कहता है, "मैं आपकी पोती से प्यार करता हूँ... और वह भी मुझसे प्यार करती है... तो क्या आप इस रिश्ते को मंज़ूरी देते हैं?" तब दादाजी कहते हैं, "तुम दोनों में कितनी उम्र का फ़ासला है, तुम कैसे?" तब जिया कहती है कि, "दादाजी, मैं उनको अपने दिल से प्यार करती हूँ और रिहान भी, और मेरे को उम्र से कोई फ़र्क नहीं पड़ता।" बाद में कबीर थोड़ी देर सोचते हैं कि रिहान बहुत अच्छा लड़का है जिसके ऊपर मैं पूरा यक़ीन करता हूँ, तो यह रिश्ता वाकई अच्छा है। तो वह अपनी मंज़ूरी दे देते हैं। पर उसके बाद वह रिहान को पूछते हैं, "तुम्हारी माँ मानेगी? और तुम्हारा परिवार मानेगा?" तब रिहान कहता है कि, "आप माँ का टेंशन मत लो, मैं मना लूँगा।"
वैसे रिहान की माँ को मनाना इतना भी आसान काम नहीं है, क्योंकि वह हमेशा यह सोचती थीं कि हर कोई लड़की उसके पैसे के लिए शादी करना चाहती है और उनको लगता है मिडल क्लास लड़कियों का कोई क्लास नहीं होता, इसके लिए। पर तो भी रिहान को यक़ीन था कि उसकी माँ जिया को पसंद करेगी। इसलिए वह एक दिन जिया को अपनी माँ से मिलवाने के लिए उसके घर लेकर जाता है। वे तीनों सोफ़े में बैठे हुए थे।
सावित्री देवी: तुम्हारा नाम क्या है?
जिया: मेरा नाम जिया सिंह।
सावित्री देवी: तुम करती क्या हो?
जिया: खाना पकाने का काम।
(रिहान बारी-बारी उन दोनों को देख रहा है।)
सावित्री देवी: क्यों तुमने यह प्रोफेशन चुना?
जिया: क्योंकि यह प्रोफेशन मेरे दिल के बहुत करीब है, इसलिए।
सावित्री देवी: तुम्हारी उम्र कितनी है?
जिया (कन्फ्यूजन में रिहान को देखकर): २२।
सावित्री देवी: मेरा बेटा अगले महीने में ३२ का होगा, पता है तुम्हें? (रिहान खाँसते हुए अपनी माँ को देख रहा है।) तो भी तुम मेरे बेटे से शादी करना चाहती हो?
जिया (कॉन्फ़िडेंट होकर): मैं उम्र में छोटी हूँ पर मैं भी समझदार हूँ। (रिहान मन ही मन में हँसते हुए जिया को देख रहा था।) और मुझे नहीं लगता जब प्यार हो जाए तो उम्र, पर बस हम दोनों का साथ और अंडरस्टैंडिंग इंपोर्टेंट होती है।
(रिहान जिया को इमोशनल होकर देख रहा है, पर उसी समय उसको एक फ़ोन आता है और वह फ़ोन उठाने बाहर जाता है और सावित्री देवी ने देखा उसका बेटा बाहर जा रहा है, तब उस चीज़ का फ़ायदा उठाकर वह जिया को कहती है कि, "कितनी रकम चाहिए मेरे बेटे की लाइफ़ से बाहर निकलने के लिए?")
जिया (यह सुनकर और रिहान की माँ को चौंककर उदास होकर देखकर): मैम, मुझे कुछ काम आ गया है, मैं निकल रही हूँ। और आपसे मिलकर अच्छा लगा। (वह वहाँ से निकल जाती है।)
रिहान वापस आकर देखकर पूछता है कि जिया नहीं है, तो वह माँ से पूछता है कि, "माँ, जिया कहाँ है?" तब उसकी माँ खड़ी होकर कहती है कि उसको कुछ काम आ गया है इसलिए वह चली गई, पर यह बात रिहान को समझ नहीं आई और उसको लगा कि माँ ने पक्का कुछ कहा है इसके लिए वह चली गई। इसलिए वह भागकर जिया के घर की तरफ गया। घर पहुँचने के बाद उसने देखा कि जिया कुछ सोच रही थी, तब रिहान उसके पास गया।
रिहान (टेंशन में): तुम बिना बताए क्यों वापस आ गई? क्या हुआ, मॉम ने कुछ बोला क्या?
जिया (रिहान की तरफ देखकर सारी बात बता देती है।)
रिहान (गुस्सा और उदास होकर): कभी-कभी माँ भी पता नहीं ऐसी हरकत क्यों करती है? तब जिया रिहान को शांत करके कहती है कि, "तुम्हारी माँ अपनी जगह पर सही है, क्योंकि बहुत ऐसी लड़कियाँ होंगी जो तुम्हारे पैसों के लिए पीछे होंगी, इसके लिए मुझे उनकी कोई भी बात बुरी नहीं लगी। और वह आज नहीं तो कल पक्का मुझे अपनी बहू की जगह एक्सेप्ट कर लेंगी।" ऐसी समझदार बात करते हुए देख रिहान जिया को इमोशनल होकर बस देखने लगा। तब जिया ने सोचा क्यों थोड़ी मस्ती करे रिहान के साथ, इसके लिए वह अपनी बात को कंटिन्यू रखकर कहती है, "पर तुम्हारी माँ ने थोड़ा ज़्यादा ऑफ़र किया होता तो बात अलग होती।" यह सुनकर रिहान जिया को गुस्से में घूरता है और वहाँ से जाने वाला होता है, तब जिया रिहान से माफ़ी माँगकर कहती है, "मैं मज़ाक कर रही थी।" तब रिहान जिया के करीब जाकर कहता है, "आज के बाद ऐसा मज़ाक किया तो, मुझसे बुरा और कोई नहीं होगा।" तब जिया माफ़ी माँगकर, "हाँ" कहती है।
वे लोग हर मुमकिन कोशिश कर रहे थे कि रिहान की माँ मान जाए, पर रिहान की माँ मानने को तैयार नहीं थी। एक दिन रिहान को कुछ काम के लिए लंदन जाना पड़ा, तब उसकी माँ ने उसके न होने का फ़ायदा उठाकर जिया के दादाजी के पास गई, और बहुत बुरा-भला कहा और वापस पैसे का ऑफ़र किया। यह सुनकर जिया के दादाजी को हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ा क्योंकि उनको सीरियस हार्ट अटैक आ गया था। और हार्ट की इतनी गंदी हालत हो गई थी, तुरंत ही हार्ट ट्रांसप्लांट करना पड़ा था, और जिया को पैसे की ज़रूरत थी। जिया ने रिहान को कॉल किया पर रिहान ने काम के कारण उसके फ़ोन का जवाब नहीं दिया, तब उसको कुछ समझ नहीं आ रहा था। तब उस टाइम जिया का दोस्त आया और उसने मदद की। थोड़ा समय ऐसे ही बीता, पर यह समय जिया के लिए बहुत ही भारी और उदासी भरा था।
जब रिहान वापस आया तब उसको पता चला कि जिया के दादाजी को हार्ट अटैक आया था और वह हॉस्पिटल में हैं, तो वह तुरंत भागकर हॉस्पिटल चला गया। तब उसने देखा जिया उदास होकर और सिर नीचा कर अपने ख्यालों में खोई हुई थी। तब रिहान उसके पास गया और उसके कंधे पर हाथ रखा। और जिया ने देखा कि रिहान वापस आया है, तब वह बिना कुछ सोचे उसके गले लगकर रोने लगती है और रिहान उसको सँभालता है और कहता है, "मैं वापस आ गया हूँ, मैं सब ठीक कर दूँगा।" तब जिया को उसकी माँ के कड़वे शब्द याद आते हैं कि उसने क्या-क्या कहा था, इसलिए वह रिहान से अलग होकर कहती है कि, "मुझे नींद आ रही है तो मैं घर जा रही हूँ।" पहले तो रिहान को अजीब लगता है, पर बाद में सोचता है जिया वाकई थकी होगी, इसके लिए वह कहता है, "मैं तुम्हें छोड़ देता हूँ।" तब जिया कहती है, "मैं खुद से चली जाऊँगी।" तब रिहान कहता है, "कुछ हुआ है क्या?" पर वह बिना कुछ कहे वहाँ से चली जाती है। पर रिहान जिया को देखकर कन्फ्यूजन में पड़ जाता है और सोचता है कि क्या हुआ? तब जिया के खान चाचा आते हैं और सब बताते हैं कि क्या हुआ और क्यों हुआ? तब रिहान गुस्से में आकर अपनी माँ के पास जाकर पूछता है कि उसने यह सब क्यों किया? तब उसकी माँ कहती है, "वह लड़की तुम्हें बस फँसा रही है, मुझे दिखाई दे रहा है पर तुम्हें नहीं।" रिहान को समझ नहीं आता कि उसकी माँ जिया को क्यों समझ नहीं पा रही, इसलिए थक-हार कर वह अपनी माँ से कहता है, "माँ, मुझे बस जाते-जाते एक चीज़ कहनी है कि आपके दो बार पैसे का ऑफ़र करने के बाद भी उसने मेरे प्यार को चुना है और इस वक्त तो उसको पैसों की ज़्यादा ज़रूरत थी फिर भी उसने मेरे प्यार को चुना। वह मेरे पैसों से प्यार करती तो कब की पैसे लेकर चली गई होती..... प्लीज़ अभी तो मेरे प्यार को समझो।" बस यह कहकर रिहान वहाँ से चला जाता है। और उसकी माँ उसको जाते हुए देख और उसकी वह सारी बातों को सोचने लगती है।
दूसरी तरफ वह जिया के घर जाता है, और उसको पूछता है कि, "इतनी बड़ी बात हो गई और दादाजी हॉस्पिटल में थे, तुमने मुझे क्यों नहीं बताया?"
जिया (गुस्से में): यह मेरा परिवार है और मुझे अपने परिवार का ध्यान रखना आता है, इसलिए।
रिहान (गुस्से में उसके कंधे पकड़कर): तो मैं कौन हूँ?
जिया (गुस्से में आकर): मुझे नहीं पता! तुम बस यहाँ से चले जाओ।
रिहान (अपने गुस्से को शांत रखकर और एक साँस छोड़कर): मुझे पता है मेरी माँ ने जो किया वह गलत है, पर मैं तुमसे माफ़ी माँगता हूँ, प्लीज़ माफ़ कर दो मुझे, जब तुम्हें मेरी ज़्यादा ज़रूरत थी मैं यहाँ नहीं था। यह सब सुनकर जिया कहती है, "मुझे अभी बात नहीं करनी, तुम बस चले जाओ यहाँ से।" रिहान दो मिनट जिया को देखकर वहाँ से चला जाता है।
उसके बाद वह दादाजी के पास जाता है और उनसे माफ़ी माँगी और कहा जो भी पहले हुआ वह वापस रिपीट नहीं होगा। जिया के दादाजी को रिहान सच्चा लगा और उसकी आँख में सच्चाई लगी, इसलिए उन्होंने रिहान को माफ़ कर दिया और कहा, "आज के बाद कभी भी जिया का दिल मत तोड़ना क्योंकि उसने अपनी लाइफ़ में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं।" तब रिहान दादाजी को प्रॉमिस करके कहता है वह जिया का अच्छे से ध्यान रखेगा। बाद में रिहान जिया के खान चाचा को कॉल करता है और उनको पूछता है कि, "मैं क्या करूँ कि वह अपना गुस्सा छोड़ दे?" तब उनके खान चाचा कहते हैं, "बस उसके साथ रहकर उसको सँभालो, सब अपने आप ठीक हो जाएगा, क्योंकि पिछले कुछ दिन जिया के लिए बहुत बुरे थे। तो बस जिया को केयर और सपोर्ट की ज़रूरत है। वह मिल गया, सब अपने आप ठीक हो जाएगा।" यह सब सुनने के बाद रिहान जिया को मनाने में लग जाता है और उसके काम में मदद करना और उसके साथ रहना और केयर भी करना, इन सब चीज़ों के बाद जिया मान जाती है।
एक दिन रिहान जिया को कहता है कि, "हम शादी कर लेते हैं।" जिया कहती है, "तुम्हारी माँ?" तब रिहान कहता है, "तुम उनको छोड़ो, वह नहीं मानेगी।" तब जिया कहती है, "एक बार और ट्राई करते हैं, क्या पता उनका गुस्सा शांत हो गया हो।" तब रिहान गुस्से में कहता है, "मुझे पता है वह नहीं मानेगी", और जिया को कहता है कि, "कल हम शादी कर रहे हैं तो तुम तैयार रहना", और यह कहकर रिहान वहाँ से बिना कुछ कहे चला जाता है। पर जिया को लगता है कि माँ के आने से शादी पूरी हो सकती है, तो और एक बार कोशिश करने में कोई दिक्कत नहीं, इसके लिए वह रिहान के घर जाकर और रिहान की मॉम को पहले तो नमस्कार करके उनके पैर छूने की कोशिश करती है पर रिहान की माँ उसके पैरों को हाथ नहीं लगाने देती, पर उस चीज़ को इग्नोर करके जिया उनका हालचाल पूछती है। पर उनकी माँ किसी चीज़ का जवाब नहीं देती है और जिया बात को कंटिन्यू रखकर कहती है कि, "कल मैं और रिहान शादी कर रहे हैं और रिहान आपको अपनी लाइफ़ मानता है, तो कल आप अपने बेटे को आशीर्वाद देने के लिए आएँगे ना, तो रिहान को बहुत अच्छा लगेगा।" और शादी का समय बताकर वहाँ से चली जाती है और रिहान की माँ बस एक गहरी सोच में डूब जाती है।
दूसरे दिन सब शादी की तैयारी में लग जाते हैं और जिया और रिहान मंडप में बैठे हुए रहते हैं। तब रिहान की माँ आती है और रिहान की माँ को देखकर रिहान और सब लोग चौंक जाते हैं और वह आकर रिहान से कहती है कि, "तुमने तो मुझे इतना पराया कर दिया कि शादी कर रहे हो, तुमने बताया नहीं?" यह सुनकर रिहान मंडप से उठकर कहता है, "मुझे लगा आप मेरे प्यार को समझते नहीं हो, इसके लिए आप नहीं आओगे।" तब रिहान की माँ कहती है, "पता है मुझसे गलती हुई है, क्या तुम अपनी माँ को माफ़ नहीं कर सकते?" यह कहकर रिहान की माँ जिया को गले लगाकर कहती है, "सच में मैंने तुम्हें नहीं समझा, प्लीज़ तुम अपनी माँ समझकर भूल जाओ।" तब जिया रिहान की माँ को गले लगाकर कहती है कि, "जो भी कुछ हुआ आप भूल जाओ, अभी से एक नई शुरुआत करते हैं।" यह सब सुनकर रिहान बेहद खुश हो जाता है। उसके बाद रिहान की माँ रिहान और जिया का गठबंधन करती है और उनकी शादी हो जाती है। और उन दोनों को रिहान की माँ आशीर्वाद देती है।।।।।।।।।।।।
और उन लोगों के प्यार की जीत हो जाती है।।।।।
यह मेरी स्टोरी है !
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Disha Patwa
3 weeks agoNice