रक्षा बंधन

रक्षा बंधन पर्व भाई-बहन का बहुत ही पवित्र त्योहार है। इसे केवल भाई-बहन ही नहीं मनाते हैं। एक बेटी अपने पिता के साथ रक्षा बंधन का पर्व मनाती है। बहुत सारी जगहों में पेड़ को भी राखी बाँधी जाती है। इसका अर्थ है कि हम पेड़ों की सुरक्षा करेंगे।
सावन माह की शुरुआत होते ही बहनें अपने भाइयों के लिए रक्षाबंधन की तैयारी में जुट जाती हैं। रक्षाबंधन सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। पहले संयुक्त परिवार होते थे, सभी भाई-बहन एक साथ रहते थे, इसलिए राखी का पर्व काफी सौंदर्यपूर्वक मनाया जाता था। पहले पैसों का उतना महत्व भी नहीं था। भाई जो भी अपनी बहनों को प्यार से उपहार देते थे, बहनें उन्हें उनका आशीर्वाद समझकर स्वीकार कर लेती थीं।
पर आजकल परिवार से दूर, पैसों का महत्व ज्यादा बढ़ गया है। उपहार को पैसों के तराजू में तोला जाता है। आजकल के लड़के-लड़कियाँ नौकरी के चलते अपने-अपने घरों से दूर होते जा रहे हैं। राखी जैसा पर्व भी वीडियो कॉल के जरिए मनाया जाता है, जिसमें अपनेपन की बहुत कमी रहती है। उपहार भी किसी ऐप के जरिए ही बहनों तक पहुँचते हैं, पर आशीर्वाद तो अधूरा रह जाता है। जब तक भाई-बहन छोटे रहते हैं, इस पर्व का महत्व ज्यादा रहता है, पर जैसे-जैसे घर से दूर होते जाते हैं, महत्व कम होता जाता है।
हमारे देश के सैनिक, जो अपने घरों से दूर बॉर्डर पर हमारे देश की सुरक्षा में खड़े रहते हैं, उनकी सुरक्षा के लिए हमारे देश की बहनें अपने हाथों से राखी बनाती हैं। जिन्हें उन सैनिकों तक पहुँचाने में बहुत सारे स्कूल, समाजसेवक आगे आते हैं। उनके कारण ही हम अपने घरों में सुरक्षित हैं।
रक्षाबंधन त्योहार किसी एक धर्म का त्योहार नहीं है। बहुत सारी जगहों पर तो सारे धर्म के लोग एक-दूसरे के साथ खुशीपूर्वक मनाते हैं।
आजकल के समय में हर तरह की सुख-सुविधाएँ हैं, पर परिवार में प्यार की काफ़ी कमी है। भाई-बहनों में भी प्यार बहुत कम देखने को मिलता है। रक्षाबंधन ऐसा त्योहार है जो भाई-बहन की दूरी को थोड़ा कम करता है और उन्हें पास लाता है। बहनें अपने भाइयों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और हमेशा खुश रहने की दुआ माँगती हैं।
आजकल समय का बहुत ही अभाव है। लोग काफ़ी व्यस्त हो गए हैं। इस व्यस्तता में भी भाई-बहन रक्षाबंधन का त्योहार मनाते हैं। हमारे भारत में हर रिश्ते के लिए त्योहार मनाए जाते हैं, जिनमें रक्षाबंधन बहुत ही प्यारा त्योहार है। हमें दूरियाँ भुलाकर इसे खुशी-खुशी मनाना चाहिए।

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Author Niman
1 weeks agocheers to the second one, congratulations...🫶